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लिखने का एक और तरीका है यह ..आगे पढ़ें... 

बत्ती चौराहे पर
हर तरफ नजरें मुलाकात करती है न चाह कर भी अपने जसबात बया करती है । हर बत्ती चौराहे पर मेरी जु्बा ... shailendra sahu द्वारा 13 जनवरी, 2012 1:58:00 PM IST पर पोस्टेड
बसंत
फूल कुमुदिनी का लेकर रंग पीला और हल्का केसर, तुम्हे दे दॅू ये आकाश का नीला पन भी । जिसका कोई छोर ... shailendra sahu द्वारा 13 जनवरी, 2012 1:26:00 PM IST पर पोस्टेड
तुम्हारे मन का अगाध प्रेम
भौर में ही नींद खुल गई, मोहल्ले की देहरी पर अलग अलग रंगों से रंगोली बनी है. तुमने भी उन्हीं रंगो ... shailendra sahu द्वारा 25 दिसंबर, 2010 7:31:00 PM IST पर पोस्टेड